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Satyendra Kumar Ram
भारत में सामाजिक-आर्थिक विषमता शिक्षा व्यवस्था को गहराई से प्रभावित करती है, विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के बीच। प्रस्तुत अध्ययन, जो बिहार के सारण जिले के संदर्भ में किया गया है, यह दर्शाता है कि स…
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शशि भूषण कुमार शोध-छात्र, ग्लोकल विश्वविद्यालय, सहारनपुर
सारांश
भारतीय समाज की संरचना, संस्कृति और जीवन-दृष्टि में धर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुआयामी रही है। धर्म केवल आस्था, पूजा-पद्धति या धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहकर सामाजिक जीवन के विभिन्न आयामों को प्रभावित करने …
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प्रो0 श्री प्रकाश मिश्र बी0एड्0 विभाग, एम0एल0के0पी0जी0 कालेज, बलरामपुर
सार
भारतीय सभ्यता और संस्कृति की आधारशिला जिन शाश्वत एवं सार्वकालिक मूल्यों पर स्थापित है, उनका सर्वाधिक सजीव, संतुलित और आदर्श स्वरूप श्रीराम के जीवन एवं चरित्र में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। श्रीराम केवल धार्मिक श्रद्धा…
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अमित कुमार शुक्ल डाॅ0 दिनेश कुमार
सारांश
बौद्ध शिक्षा प्रणाली भारतीय शिक्षा परंपरा की एक अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रगतिशील धारा रही है, जिसने ज्ञानार्जन को केवल सूचना-संग्रह तक सीमित न रखकर उसे नैतिकता, अनुशासन, आत्मचिंतन, तर्कशीलता तथा व्यावहारिक जीवन से जोड़ने क…
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डाॅ0 मुकेश कुमार Lecturer College of Teacher Education(CTE) Gaya, Bihar
भारत की नई शिक्षा नीति 2020 में शिक्षक को शिक्षा व्यवस्था का केंद्रीय और सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक माना गया है। नीति के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार सक्षम, प्रशिक्षित, संवेदनशील और प्रेरित शिक्षक होते हैं। इसी दृष्टि से शिक्…
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नरेन्द्र कुमार मिश्र सदस्य, सलाहकार मण्डल
सारांश
वर्तमान युग में ऊर्जा मानव जीवन, औद्योगिक उत्पादन, कृषि विकास तथा सामाजिक प्रगति का मूल आधार बन चुकी है। आधुनिक सभ्यता के लगभग सभी क्षेत्रोंकृउद्योग, परिवहन, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं घरेलू गतिविधियोंकृका संचालन ऊर्जा…
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सोनी मिश्रा शोधार्थी, सनराइज विश्वविद्यालय, अलवर, राजस्थान
सारांश
स्वास्थ्य किसी भी समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधारभूत तत्व है। ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहुँच एवं उपयोगिता सामाजिक संरचना, आर्थिक स्थिति, शैक्षिक स्तर तथा सांस्कृतिक मान्यताओं से प्रभावित …
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जगन्नाथ पाठक शोध छात्र, वाणिज्य संकाय, ग्लोकल विश्वविद्यालय, सहारनपुर
सारांश
ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि, पशुपालन तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों पर आधारित होती है। इन क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में लघु सेवा केंद्रों तथा स्थानीय बाजारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लघु से…