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Volume 27, Issue 1

December 2025

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8 articles
Pages 01-052 views0 downloads

अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर का तुलनात्मक अध्ययन: जनपद सारण, बिहार के संदर्भ में

Satyendra Kumar Ram

भारत में सामाजिक-आर्थिक विषमता शिक्षा व्यवस्था को गहराई से प्रभावित करती है, विशेषकर अनुसूचित जाति (SC) और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के बीच। प्रस्तुत अध्ययन, जो बिहार के सारण जिले के संदर्भ में किया गया है, यह दर्शाता है कि स…

Pages 06-105 views2 downloads

भारतीय समाज में धर्म की भूमिका: एक अध्ययन

शशि भूषण कुमार शोध-छात्र, ग्लोकल विश्वविद्यालय, सहारनपुर

सारांश भारतीय समाज की संरचना, संस्कृति और जीवन-दृष्टि में धर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुआयामी रही है। धर्म केवल आस्था, पूजा-पद्धति या धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहकर सामाजिक जीवन के विभिन्न आयामों को प्रभावित करने …

Pages 11-170 views0 downloads

मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम: सनातन, संस्कार एवं सच्चरित्र के अनूठे रूप-एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

प्रो0 श्री प्रकाश मिश्र बी0एड्0 विभाग, एम0एल0के0पी0जी0 कालेज, बलरामपुर

सार भारतीय सभ्यता और संस्कृति की आधारशिला जिन शाश्वत एवं सार्वकालिक मूल्यों पर स्थापित है, उनका सर्वाधिक सजीव, संतुलित और आदर्श स्वरूप श्रीराम के जीवन एवं चरित्र में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। श्रीराम केवल धार्मिक श्रद्धा…

Pages 18-251 views0 downloads

बौद्ध शिक्षा प्रणाली का वर्तमान शिक्षा प्रणाली की शिक्षण-विधियों पर प्रभाव

अमित कुमार शुक्ल डाॅ0 दिनेश कुमार

सारांश बौद्ध शिक्षा प्रणाली भारतीय शिक्षा परंपरा की एक अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रगतिशील धारा रही है, जिसने ज्ञानार्जन को केवल सूचना-संग्रह तक सीमित न रखकर उसे नैतिकता, अनुशासन, आत्मचिंतन, तर्कशीलता तथा व्यावहारिक जीवन से जोड़ने क…

Pages 26-331 views0 downloads

नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में शिक्षक शिक्षा: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

डाॅ0 मुकेश कुमार Lecturer College of Teacher Education(CTE) Gaya, Bihar

भारत की नई शिक्षा नीति 2020 में शिक्षक को शिक्षा व्यवस्था का केंद्रीय और सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक माना गया है। नीति के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार सक्षम, प्रशिक्षित, संवेदनशील और प्रेरित शिक्षक होते हैं। इसी दृष्टि से शिक्…

Pages 34-411 views1 downloads

ऊर्जा संरक्षण एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत: सतत विकास की दिशा में एक अध्ययन

नरेन्द्र कुमार मिश्र सदस्य, सलाहकार मण्डल

सारांश वर्तमान युग में ऊर्जा मानव जीवन, औद्योगिक उत्पादन, कृषि विकास तथा सामाजिक प्रगति का मूल आधार बन चुकी है। आधुनिक सभ्यता के लगभग सभी क्षेत्रोंकृउद्योग, परिवहन, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं घरेलू गतिविधियोंकृका संचालन ऊर्जा…

Pages 42-492 views1 downloads

ग्रामीण समुदाय एवं स्वास्थ्य सेवाएँ: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन (जनपद गोंडा के विकासखण्ड रूपईडीह, उत्तर प्रदेश के संदर्भ में)

सोनी मिश्रा शोधार्थी, सनराइज विश्वविद्यालय, अलवर, राजस्थान

सारांश स्वास्थ्य किसी भी समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधारभूत तत्व है। ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहुँच एवं उपयोगिता सामाजिक संरचना, आर्थिक स्थिति, शैक्षिक स्तर तथा सांस्कृतिक मान्यताओं से प्रभावित …

Pages 50-562 views2 downloads

ग्रामीण क्षेत्रों में लघु सेवा केंद्रों एवं स्थानीय बाजारों की आर्थिक भूमिका: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

जगन्नाथ पाठक शोध छात्र, वाणिज्य संकाय, ग्लोकल विश्वविद्यालय, सहारनपुर

सारांश ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि, पशुपालन तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों पर आधारित होती है। इन क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में लघु सेवा केंद्रों तथा स्थानीय बाजारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लघु से…