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Volume 28 · Issue 2 · June 2026

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Volume 28 Issue 2

PROGRESSIVE RESEARCH JOURNAL ISSN 2319-8095

Current peer-reviewed issue of the journal.

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Published in this Issue

8 articles
Pages 42-49

ग्रामीण समुदाय एवं स्वास्थ्य सेवाएँ: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन (जनपद गोंडा के विकासखण्ड रूपईडीह, उत्तर प्रदेश के संदर्भ में)

सोनी मिश्रा

स्वास्थ्य किसी भी समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास का आधारभूत तत्व है। ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पहुँच एवं उपयोगिता सामाजिक संरचना, आर्थिक स्थिति, शैक्षिक स्तर तथा सांस्कृतिक मान्यताओं से प्रभावित होती है। प्रस्तुत शोध पत्र उत्तर प्रदेश…

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Pages 1-5

अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के सामाजिक-आर्थिक स्तर का तुलनात्मक अध्ययन: जनपद सारण, बिहार के संदर्भ में

सत्येन्द्र कुमार राम

भारत में सामाजिक-आर्थिक विषमता शिक्षा व्यवस्था को गहराई से प्रभावित करती है, विशेषकर अनुसूचित जाति (ैब्) और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के बीच। प्रस्तुत अध्ययन, जो बिहार के सारण जिले के संदर्भ में किया गया है, यह दर्शाता है कि सामाजिक एवं आर्थिक स्तर में वि…

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Pages 6-10

भारतीय समाज में धर्म की भूमिका: एक अध्ययन

शशि भूषण कुमार

भारतीय समाज की संरचना, संस्कृति और जीवन-दृष्टि में धर्म की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुआयामी रही है। धर्म केवल आस्था, पूजा-पद्धति या धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित न रहकर सामाजिक जीवन के विभिन्न आयामों को प्रभावित करने वाला एक सशक्त तत्त्व है। यह सामाजिक निय…

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Pages 11-17

मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम: सनातन, संस्कार एवं सच्चरित्र के अनूठे रूप-एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

प्रो0 श्री प्रकाश मिश्र

भारतीय सभ्यता और संस्कृति की आधारशिला जिन शाश्वत एवं सार्वकालिक मूल्यों पर स्थापित है, उनका सर्वाधिक सजीव, संतुलित और आदर्श स्वरूप श्रीराम के जीवन एवं चरित्र में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। श्रीराम केवल धार्मिक श्रद्धा के केंद्रबिंदु नहीं हैं, बल्कि वे भ…

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Pages 18-25

बौद्ध शिक्षा प्रणाली का वर्तमान शिक्षा प्रणाली की शिक्षण-विधियों पर प्रभाव

अमित कुमार शुक्ल, डाॅ0 दिनेश कुमार

बौद्ध शिक्षा प्रणाली भारतीय शिक्षा परंपरा की एक अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रगतिशील धारा रही है, जिसने ज्ञानार्जन को केवल सूचना-संग्रह तक सीमित न रखकर उसे नैतिकता, अनुशासन, आत्मचिंतन, तर्कशीलता तथा व्यावहारिक जीवन से जोड़ने का कार्य किया। इस शिक्षा व्यवस्था का मूल…

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Pages 26-33

नई शिक्षा नीति 2020 के संदर्भ में शिक्षक शिक्षा: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

डाॅ0 मुकेश कुमार

भारत की नई शिक्षा नीति 2020 में शिक्षक को शिक्षा व्यवस्था का केंद्रीय और सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक माना गया है। नीति के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार सक्षम, प्रशिक्षित, संवेदनशील और प्रेरित शिक्षक होते हैं। इसी दृष्टि से शिक्षक शिक्षा के पुनर्गठन हेतु अने…

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Pages 34-41

ऊर्जा संरक्षण एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत: सतत विकास की दिशा में एक अध्ययन

नरेन्द्र कुमार मिश्र

वर्तमान युग में ऊर्जा मानव जीवन, औद्योगिक उत्पादन, कृषि विकास तथा सामाजिक प्रगति का मूल आधार बन चुकी है। आधुनिक सभ्यता के लगभग सभी क्षेत्रोंकृउद्योग, परिवहन, संचार, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं घरेलू गतिविधियोंकृका संचालन ऊर्जा पर निर्भर है। जनसंख्या में तीव्र वृद्ध…

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Pages 50-56

ग्रामीण क्षेत्रों में लघु सेवा केंद्रों एवं स्थानीय बाजारों की आर्थिक भूमिका: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

जगन्नाथ पाठक

ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि, पशुपालन तथा लघु एवं कुटीर उद्योगों पर आधारित होती है। इन क्षेत्रों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में लघु सेवा केंद्रों तथा स्थानीय बाजारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लघु सेवा केंद्र ग्रामीण जनता को दैनिक जीवन स…

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