Abstract
ठोस अपशिष्ट वर्तमान समय की एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या है, जो घरेलू, औद्योगिक, वाणिज्यिक तथा कृषि गतिविधियों से उत्पन्न होता है। अनियोजित एवं अनुचित तरीके से ठोस अपशिष्ट के निस्तारण से वायु, जल एवं मृदा प्रदूषण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लेख में ठोस अपशिष्ट के विभिन्न स्रोतों, उसके पर्यावरणीय प्रभावों तथा अपशिष्ट प्रबंधन की आवश्यकता का विश्लेषण किया गया है। अपशिष्ट के वर्गीकरण, पुनर्चक्रण, पुनःउपयोग, वैज्ञानिक निस्तारण तथा ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में इसके उपयोग पर भी प्रकाश डाला गया है। लेख में प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नियोजन, वैज्ञानिक प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी, वित्तीय व्यवस्था तथा तकनीकी प्रशिक्षण को आवश्यक बताया गया है। साथ ही, प्रदूषण को कम करने के लिए अपशिष्ट के उचित संग्रहण, परिवहन, पुनर्चक्रण और सुरक्षित निस्तारण पर बल दिया गया है।
Keywords
ठोस अपशिष्ट, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण प्रदूषण, पुनर्चक्रण, पुनःउपयोग, अपशिष्ट निस्तारण, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, मृदा प्रदूषण, पर्यावरण संरक्षण
Author affiliations
असिस्टेंट प्रोफेसर, वाले की विभाग बाबा बरुआ दास पीजी कॉलेज परुईया आश्रम, अंबेडकर नगर उत्तर प्रदेश
