Abstract
भारत की नई शिक्षा नीति 2020 में शिक्षक को शिक्षा व्यवस्था का केंद्रीय और सर्वाधिक महत्वपूर्ण घटक माना गया है। नीति के अनुसार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का आधार सक्षम, प्रशिक्षित, संवेदनशील और प्रेरित शिक्षक होते हैं। इसी दृष्टि से शिक्षक शिक्षा के पुनर्गठन हेतु अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। इनमें वर्ष 2030 तक शिक्षक बनने के लिए चार वर्षीय एकीकृत बी.एड. पाठ्यक्रम को न्यूनतम योग्यता के रूप में निर्धारित करना प्रमुख है। इस पाठ्यक्रम में विषय-ज्ञान, शिक्षाशास्त्र, विद्यालयीय अनुभव तथा मूल्यपरक शिक्षा का समन्वय किया गया है।
नीति में शिक्षक शिक्षा संस्थानों को बहुविषयक विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से संबद्ध करने, शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानकों के निर्माण, प्रतिवर्ष न्यूनतम पचास घंटे के सतत व्यावसायिक विकास प्रशिक्षण तथा शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही, शिक्षकों को डिजिटल तकनीक, नवाचार और समावेशी शिक्षा के लिए तैयार करने का उद्देश्य भी निर्धारित किया गया है।
प्रस्तुत शोध-पत्र में नई शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शिक्षक शिक्षा से संबंधित प्रमुख प्रावधानों का विश्लेषण किया गया है तथा उनकी उपयोगिता, संभावनाओं और चुनौतियों का विवेचन किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि यह नीति शिक्षक शिक्षा को अधिक प्रभावी, व्यवहारिक, मूल्यपरक और उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं परिवर्तनकारी पहल है, जो भारतीय शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में व्यापक सुधार ला सकती है।
Keywords
नई शिक्षा नीति 2020, शिक्षक शिक्षा, एकीकृत बी.एड., शिक्षक प्रशिक्षण, व्यावसायिक विकास।
Author Affiliations
Lecturer College of Teacher Education(CTE) Gaya, Bihar
